विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना के लिए चीन को ज़िम्मेदार बताया था । तब से ही चीनी मूल के लोगों पर हमले बढ़े हैं ।
- एक वर्ष मे ऐसे मामलों की संख्या वृद्धि हुई हे ।
- FBI ने चेतावनी दी थी ।
- नौ / ग्यारह के हमलों जेसे हालत ।
- अधिक हमले सैन फ्रांसिस्को के बे एरिया में ।
- व्हाइट हाउस ने कड़े क़दम उठाए है ।
एक वर्ष मे ऐसे मामलों की संख्या वृद्धि हुई हे ।
अमेरिका न्यूयॉर्क के चाइना टाउन में पिछले दिनों दक्षिण एशियाई मूल के एक व्यक्ति को चाकू से हमला करके जख्मी कर दिया गया । इक्कतीस जनवरी को सिलिकॉन वैली में उन्नीस वर्ष के हमलावर ने चोरासी वर्ष के एक वृद्ध व्यक्ति की हत्या कर दी । अमेरिका में पिछले एक वर्ष मे ऐसे मामलों की संख्या वृद्धि हुई हे । मार्च से दिसम्बर 2020 के बीच दक्षिण एशियाई मूल के लोगों पर तीन हज़ार से ज़्यादा हमले हो चुके हैं ।
FBI ने चेतावनी दी थी ।
अमेरिका के न्यूयॉर्क में वर्ष 2019 की तुलना में दस गुना हमले बढ़े हैं । इन हमलों के अधिकांश शिकार चीन, ताइवान और थाईलैंड मूल के लोग हैं । विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना के लिए चीन को ज़िम्मेदार बताया था । तब से ही चीनी मूल के लोगों पर हमले बढ़े हैं । जब संकर्मण बढ़ना शुरू ही हुआ तह , उसी समय FBI ने चेतावनी दी थी कि चीन और एशियाई लोगों पर हमले होने की खूफिया रिपोर्ट प्राप्त हो रही हें ।
नो / ग्यारह के हमलों जेसे हालत ।
अमेरिका में इन हमलों के विरुद्ध पिछले दिनो न्यूयॉर्क में रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया । न्यूयार्क में रेह रहे एशियाई अमेरिकन कम्युनिटी (चीनी संगठन) की सदस्य लूसी चिंग ने पत्रकारों को बताया कि इस शहर में प्रवासियों के खिलाफ ऐसी हिंसा आज तक नहीं देखी गई है । यह हमले नो / ग्यारह के आतंकी हमलों के बाद उत्पन्न हुए हालात की यादें ताज़ा कर रहे हैं । न्यूयॉर्क सिटी के मेयर बिल डी ब्लासियो ने समाचार वार्ता मे बयान दिया कि ऐसे हमले अप्रवासियों पर अन्याय हैं । रैली को ब्लासियो ने भी समर्थन दिया । इस समस्या अर्थात हमले रोकने के लिए प्रवासियों के नेता मेयर के साथ बैठक करेंगे ।
अधिक हमले सैन फ्रांसिस्को के बे एरिया में ।
अमेरिका की एशियाई प्रशांत नीति-योजना परिषद ने इन हो रहे अपराधों के विरूद्ध अभियान शुरू कर दिया है । तथा इसके अनुसार एन वाई सी ॰जी ओ वी / एशियन हेट नाम की एक वैबसाइट बनाई गई हे । परिषद के मुताबिक एक चौथाई से भी अधिक हमले सैन फ्रांसिस्को के बे एरिया में हुए, जो चीनी मूल के लोगों का गढ़ है। अमेरिका के एक तिहाई चीनी अमेरिकी इसी इलाके में रहते हैं। बीते दो महीने में यहाँ 32 लोगों पर हमले हुए हैं और उन्हें लूटा गया है ।
व्हाइट हाउस ने कड़े क़दम उठाए है ।
अमेरिका मे बढ़ते हमलों पर लगाम लगाने के लिए व्हाइट हाउस ने कड़े क़दम उठाए है । हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक आदेश जारी कर चीनी और प्रशांत महाद्वीप के लोगों के साथ अमेरिका में अपराध और नस्लीय हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती हे । स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि जब वे महामारी पर चर्चा करें तो इस वर्ग की समस्या पर भी चर्चा की जाएगी, जो कोई भी ऐसा करगा उसे अपराधी की श्रेणी में डाला जाएगा ।

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