हरयाणा की धरती से एक ओर मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल मे उभरता तारा, ओलंपिक खेल मे गोल्ड मेडलिस्ट को हराया ।

हरयाणा की धरती से एक ओर मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल मे उभरता तारा, ओलंपिक खेल मे गोल्ड मेडलिस्ट को हराया ।
बॉक्सर दीपक भोरिया

हरयाणा हिसार के रहने वाले इस बहादुर बॉक्सर दीपक भोरिया ने मुक्केबाज़ी (बॉक्सिंग) खेल मे उज़्बेकिस्तान के बॉक्सर जरोव को हरा दिया । उज़्बेकिस्तानी बॉक्सर सताइस वर्षीय जरोव रियो ओलंपिक तथा वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडलिस्ट हैं और वह इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल का प्रबल दावेदार माना जा रहा था । दीपक का फाइनल मुकाबला बुल्गारिया देश के बॉक्सर डेनियल के साथ होना हे । हरयाणा मे दीपक की इस उपलब्धि पर हिसार के कैमरी रोड आवास पर जश्न का माहौल है । वहीं हिसार हरयाणा के ही दूसरे बॉक्सर नवीन बूरा का सेमिफाइनल मैच होना हे । 

हरयाणा के इस बहादुर खिलाड़ी ने बताया कि प्रशिक्षक श्री राजेश श्योराण ने यूनिवर्सल बॉक्सिंग अकेडमी हरयाणा (UBA) में मुझे मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) का प्रशिक्षण ओर इसकी बारीकियां को ठीक तरह से सिखाई । यही से मेरी मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल में रुचि बढ़ी । मुझे मेरी सफलता का मार्ग दिखाई देने लगा, ओर मैंनें दिन-रात मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल में खूब मेहनत की और मेरी जीत का ग्राफ बढऩे लगा ।
  • हरयाणा के इस बहादुर खिलाड़ी दीपक ने बारह वर्ष की आयू में बॉक्सिंग शुरू कर दी थी ।
  • आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर भी हरयाणा के इस खिलाड़ी ने जारी रक्खा अभ्यास । 
  • यूनिवर्सल बॉक्सिंग अकेडमी हरयाणा के प्रशिक्षक श्री राजेश श्योराण ने पूरी सहायता की । 
हरयाणा के इस बहादुर खिलाड़ी दीपक ने बारह वर्ष की आयू में बॉक्सिंग शुरू कर दी थी ।

समाचारो के अनुसार दीपक के कोच श्री राजेश श्योराण हिसार हरयाणा में यूनिवर्सल बॉक्सर अकेडमी चलाते हैं । जब उन्होंने देखा कि दीपक मे क्षमता हे ओर एक दिन हरयाणा के साथ साथ देश का नाम रोशन करेगा,   उन्होंने खुद खर्चा उठाकर दीपक प्रशिक्ष्त किया । बारह वर्ष की आयू में दीपक ने बॉक्सिंग शुरू कर दी थी । दीपक अभी अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज संघ (AIBA) की ताजा रैंकिंग में छठे स्थान पर हैं । यह हरयाणा का बहादुर खिलाड़ी दीपक अठारह वर्ष की आयू में सेना मे भर्ती हुआ ओर मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल में कई मेडल अपने नाम किए हैं ।

आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर भी हरयाणा के इस खिलाड़ी ने जारी रक्खा अभ्यास । 

हरयाणा हिसार के कैमरी रोड के रहने वाले खिलाड़ी दीपक ने पत्रकार वार्ता मे बताया कि मैं पढ़ाई में थोड़ा सा कमजोर था । मेरे पिताजी श्री सुरेंद्र कुमार हरयाणा होमगार्ड की नोकरी मे हे, माता श्रीमती सुमित्रा देवी एक सफल गृहिणी हैं । परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी ओर मुझे सफलता का कोई मार्ग नजर नहीं आ रहा था । मेरे चाचाजी श्री रविंद्र के मित्र खिलाड़ी हैं, उन्होंने मुझे प्रशिक्षक श्री राजेश श्योराण से भेंट कारवाई थी । प्रशिक्षक श्री राजेश श्योराण ने हरयाणा यूनिवर्सल बॉक्सिंग अकेडमी (UBA) में मुझे मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) का प्रशिक्षण ओर इसकी बारीकियां ठीक तरह सिखाई । यही से मेरी मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल में रुचि बढ़ी । मुझे मेरी सफलता का मार्ग दिखाई देने लगा, ओर मैंनें दिन-रात मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल में खूब मेहनत की और मेरी जीत का ग्राफ बढऩे लगा । वर्ष 2019 में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर पदक हासिल किया । दीपक ने अपने खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर विशव के सब से बड़िया मुक्केबाज़ (बॉक्सर) की उनचास किलोग्राम भार वर्ग की टॉप दस की लिस्ट में छठा स्थान हासिल कर हरयाणा के साथ साथ देश को मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) खेल में सम्मान दिलाया है ।

यूनिवर्सल बॉक्सिंग अकेडमी हरयाणा के प्रशिक्षक श्री राजेश श्योराण ने पूरी सहायता की । 

हरयाणा के मशहूर मुक्केबाज़ (बॉक्सर) प्रशिक्षक श्री राजेश श्योराण ने दीपक की इस बहुत बड़ी उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए बताया कि वह फाइनल मुकाबले में भी जीतकर भारत के लिए स्वरण पदक लाएगा । उन्होंने हरयाणा हिसार मे एक पत्रकार वार्ता मे बताया कि जब दीपक बारह वर्ष का था तो वह उनके पास मुक्केबाज़ी (बॉकसिंग ) सीखने के लिए आया था । उस समय दीपक की परिवार की आर्थिक सीतिथि ठीक नहीं थी परन्तु बॉक्सिंग के प्रति उसके जज्बे को देखकर मैंने उसकी हर संभव सहायता की । हरयाणा से एक अच्छा बॉक्सर बनने में उसकी आर्थिक स्थिति को आड़े नहीं आने दिया । एक समय तो ऐसा आया था जब यह लगने लगा था कि पारिवारिक आर्थिक सीतिथि के चलते वह बॉक्सिंग न छोड़ दे । मैंने बॉक्सिंग के प्रति उसकी रुचि व उत्साह को देखते हुए उसके लिए हरयाणा ओर अन्य राज्यों से स्पॉन्सर की तलाश की तथा उसके लिए अच्छे खान पान की भी व्यवस्था करवाई, मुझे दीपक पर गर्व है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ