इस बंद मे देखा गया की देशभर के बाज़ार बंद रहें और कोई भी व्यापारिक गतिविधियाँ नहीं हुई । देश के सभी राज्यों के अधिकतर व्यापारिक संगठन बंद में शामिल हुए ।
- बंद सुबह 6 बजे से शुरू हुआ और शाम 8 बजे तक चला ।
- देशभर के बाज़ार बंद रहें ।
- दिल्ली मे कुछ बाज़ार खुले रख कर भी बंद का समर्थन किया ।
- कोलकाता में बंद का असर अधिक दिखा ।
बंद सुबह 6 बजे से शुरू हुआ और शाम 8 बजे तक चला ।
देशभर के व्यापारिक संगठनों सहित कई परिवहन संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया था । यह बंद कल सुबह 6 बजे से शुरू हुआ और शाम 8 बजे तक लागू रहा । बंद शुरू होने के कुछ घंटों के भीतर कई राज्यों में इसका अच्छा खासा असर दिख रहा था । कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने जीएसटी (GST) नियमों की समीक्षा की मांग करते हुए इस बंद का अहवाहन किया था । वहीं, ई-वे बिल और तेल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ भी उनका विरोध किया गया ।
देशभर के बाज़ार बंद रहें ।
समाचारों के अनुसार हाल ही में जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स एक्ट में कुछ संशोधन किए गए हैं, जिनका ये संगठन विरोध कर रहे थे । उनका कहना है कि ये संशोधन व्यापार के प्रतिकूल हैं। परिवहन संगठन बढ़ते पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया । इस बंद के अनुसार देशभर के बाज़ार बंद रहें और कोई भी व्यापारिक गतिविधियाँ नहीं हुई । देश के सभी राज्यों के अधिकतर व्यापारिक संगठन बंद में शामिल हुए ।
दिल्ली मे कुछ बाज़ार खुले रख कर भी बंद का समर्थन किया ।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के भारत बंद आह्वान का असर दिल्ली के बाज़ार पर कुछ कम दिख । यहाँ के व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी के प्रावधान बहुत ही जटिल, कठोर और पीछे ले जाने वाले हैं, लेकिन यहाँ पर बंद रखने को समाधान न मानते हुए बाज़ार खुले रख कर भी बंद का समर्थन किया ।
कोलकाता में बंद का असर अधिक दिखा ।
समाचारों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के विरोध और ई-वे बिल नियमों को समाप्त करने को लेकर ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने भी भारत बंद का समर्थन किया । पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बंद का असर अधिक दिखा । यहाँ पर सभी बाज़ार पूरी तरहा बंद रहे ।

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