चीन की फार्मास्यूटिकल कंपनी, सिनोफार्म ने पाकिस्तान को कोरोना की द्वा के करीब 10 लाख टीके देने का वादा किया है। इन में से अब तक 5 लाख टीके पाकिस्तान को दे चुके हैं। अब तक मिले टीको में से पाकिस्तान ने 2 लाख 75 हजार टीके कोरोना रोगियों की देखरेख में लगे स्वस्थ कारांचारियों को दी हैं।
- सरकार इस वर्ष कोरोना के लिए द्वा की खरीदारी नहीं कर सकेगी ।
- चीन द्वारा निर्मित टीके का मूल्य करीब 13 डॉलर ।
- वर्ष के अंत तक 7 करोड़ लोगों को टीका लगाने का है।
- 20 प्रतिशत आबादी को टीका दिया जा सकेगा।
- मुफ्त में मिलने वाली कोरोना की दवा की प्रतीक्षा की जा रही है।
पूरे विषव में कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है परन्तु पाकिस्तान मुफ्त मे मिलने वाली वैक्सीन के भरोसे बेठा है। एक पाकिस्तानी समाचार चैनल के अनुसार, पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए इस वर्ष कोरोना के लिए द्वा की खरीदारी नहीं कर सकेगी । यहाँ की इमरान सरकार अभी कोरोना संक्रामण से बचने के लिए हर्ड इम्यूनिटी और साथी देशों से मुफ्त में मिलने वाली कोरोना वैक्सीन पर निर्भर रहेगी।
चीन द्वारा निर्मित टीके का मूल्य करीब 13 डॉलर ।
पाकिस्तान के प्रसिद्ध समाचार पत्र डॉन न्यूज के समाचारों के अनुसार नेशनल हेल्थ सर्विसेज के सेक्रटरी आमिर अशरफ ख्वाजा ने पिछले दिनो पब्लिक अकाउंट्स कमेटी की ब्रीफिंग के बीच यह जानकारी दी है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मेजर जनरल आमिर इकराम के अनुसार , चीन द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन के एक टीके का मूल्य करीब 13 डॉलर है। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान वैक्सीन के लिए अंतरराष्ट्रीय दान दाता और चीन जैसे साथी देशों पर निर्भर है।
वर्ष के अंत तक 7 करोड़ लोगों को टीका लगाने का है।
नेशनल हेल्थ सर्विसेज सेक्रटरी के अनुसार चीन की फार्मास्यूटिकल कंपनी, सिनोफार्म ने पाकिस्तान को कोरोना की द्वा के टीके करीब 10 लाख टीके देने का वादा किया है। इन में से अब तक 5 लाख टीके पाकिस्तान को दे चुके हैं। अब तक मिले टीको में से पाकिस्तान ने 2 लाख 75 हजार टीके कोरोना रोगियों की देखरेख में लगे स्वस्थ कारांचारियों को दी हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पाकिस्तान का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक 7 करोड़ लोगों को टीका लगाने का है।
20 प्रतिशत आबादी को टीका दिया जा सकेगा।
पाकिस्तान को ग्लोबल अलायंस फॉर वैक्सीन्स ऐंड इम्यूनाइजेशन (GAVI) के द्वारा भारत से निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका की कोरोना दवाई की एक करोड़ 60 लाख मुफ्त टीके भी मिल सकती हैं, इसके द्वारा पाकिस्तान की 20 प्रतिशत आबादी को टीका दिया जा सकेगा। वर्ष 2000 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय संस्था (गावी) का उद्देश्य दुनिया के गरीब देशों को वैसी बीमारियों का टीका उपलब्ध कराना है, जिन्हें दवाइयों के द्वारा रोका जा सकता है।
मुफ्त में मिलने वाली कोरोना की दवा की प्रतीक्षा की जा रही है।
पाकिस्तान के पीएसी चेयरमैन राणा तनवीर हुसैन ने NHS के सेक्रटरी से पूछा कि क्या मुफ्त में मिलने वाली कोरोना की दवा की प्रतीक्षा की जा रही है। इस पर उन्हें उत्तर दिया गया कि पाकिस्तान को कोरोना की अधिक टीके नहीं खरीदनी पड़ेंगे । इतना ही नहीं समाचारों के अनुसार चीन की एक अन्य कंपनी भी पाकिस्तान में अपने टीके का तीसरे फेज का ट्रायल कर रही है। अर्थात यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान कोरोना वायरस की दवा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विशेष कर चीन से आस लगाए बैठा है।

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